कोर्ट की रोक के बावजूद 'वसूली' का आरोप, ड्राइवर के साथ मारपीट से गरमाया माहौल

जालोर: स्लरी लोडिंग पर 'वसूली' का विवाद गहराया, ड्राइवर से मारपीट के बाद पुलिस थाने में हंगामा

जालोर | ग्रेनाइट नगरी जालोर में उद्योगों से निकलने वाली वेस्ट स्लरी (पाउडर) अब विवाद और संघर्ष का केंद्र बन गई है। कोर्ट और प्रशासन की स्पष्ट रोक के बावजूद जालोर ग्रेनाइट एसोसिएशन पर अवैध वसूली के आरोप लगे हैं। ताजा घटनाक्रम में, पर्ची नहीं कटवाने पर एक ट्रक ड्राइवर के साथ मारपीट का मामला सामने आया है, जिसके बाद ट्रांसपोर्टर्स और एसोसिएशन आमने-सामने आ गए हैं।

विवाद की मुख्य वजह: कचरे से 'सोना' बनी स्लरी

कभी जालोर के लिए प्रदूषण की समस्या रही ग्रेनाइट स्लरी की मांग अब गुजरात के मोरबी (टाइल उद्योग) में भारी मात्रा में बढ़ गई है। मांग बढ़ते ही ग्रेनाइट एसोसिएशन ने प्रति ट्रक 800 रुपये का शुल्क वसूलना शुरू कर दिया।

  • कोर्ट का रुख: हाईकोर्ट ने इस वसूली को अवैध मानते हुए इस पर रोक लगा दी थी।

  • प्रशासनिक आदेश: जिला कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. गवांडे और एडीएम राजेश मेवाड़ा ने भी आगामी आदेश तक किसी भी प्रकार की वसूली न करने के निर्देश दिए थे।

ताजा घटनाक्रम: मारपीट और थाने में हाई-वोल्टेज ड्रामा

ट्रांसपोर्ट यूनियन के अनुसार, एक ट्रक स्लरी भरकर गुजरात जा रहा था, जिसे रोककर पर्ची कटवाने के लिए दबाव बनाया गया। ड्राइवर धीरेंद्र सिंह द्वारा मना करने पर उसके साथ मारपीट की गई। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची।

देर रात तक कोतवाली थाने में गहमागहमी का माहौल रहा। ग्रेनाइट एसोसिएशन के अध्यक्ष रामकिशन रणवां सहित कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्टर थाने पहुंचे।

दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है:

पक्ष आरोप
ट्रांसपोर्ट यूनियन कोर्ट और प्रशासन की रोक के बावजूद निजी लोगों के जरिए अवैध वसूली की जा रही है और ड्राइवरों को धमकाया जा रहा है।
ग्रेनाइट एसोसिएशन एसोसिएशन ने ट्रांसपोर्टर पर पाउडर चोरी करने का आरोप लगाते हुए अपनी शिकायत दर्ज कराई है और वसूली को जायज बताया है।

एसपी को सौंपा ज्ञापन

बुधवार को आक्रोशित ट्रांसपोर्टर्स और ट्रक चालकों ने जालोर पुलिस अधीक्षक (SP) को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि एसोसिएशन ने वसूली के लिए प्राइवेट लोगों को ठेका दे रखा है जो गुंडागर्दी पर उतारू हैं। यूनियन ने मांग की है कि इस अवैध वसूली को तुरंत बंद कराया जाए और मारपीट के दोषियों को सजा दी जाए।