ऑपरेशन अंधकार: देवल्दी में तस्करों के 'बिजली साम्राज्य' पर चला प्रशासन का हंटर; ₹23 लाख से अधिक का जुर्माना
प्रतापगढ़ |
राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में नशा तस्करों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ पुलिस और विद्युत विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी संयुक्त सर्जिकल स्ट्राइक की है। 'ऑपरेशन अंधकार' के तहत देवल्दी गांव में तस्करों के आर्थिक तंत्र को निशाना बनाते हुए प्रशासन ने करोड़ों की अवैध संपत्ति और संसाधनों को जब्त किया है।
200 जवानों की 'फौज' ने घेरा पूरा गांव
एसपी बी. आदित्य के निर्देशन में जिले की पुलिस शक्ति ने सुबह तड़के देवल्दी गांव की घेराबंदी की। इस ऑपरेशन की गोपनीयता और सटीकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें 8 थानों की पुलिस, क्विक रिस्पांस टीम (QRT) और महिलाओं की विशेष 'कालिका टीम' समेत 200 से अधिक अधिकारी और जवान शामिल थे। वहीं, विद्युत विभाग की ओर से 100 तकनीकी कर्मचारियों और 8 एईएन (AEN) ने मोर्चा संभाला।
बिजली चोरी के जरिए फल-फूल रहा था तस्करी का धंधा
छापेमारी के दौरान खुलासा हुआ कि तस्करों ने अपने फार्महाउसों और ठिकानों पर अवैध बिजली के जरिए एक समानांतर साम्राज्य खड़ा कर रखा था।
-
भारी जुर्माना: टीम ने बिजली चोरी के 35 वीसीआर (VCR) भरे, जिससे तस्करों पर ₹23,80,000 का जुर्माना लगाया गया है।
-
अवैध उपकरणों की मंडी: मौके से 27 सिंगल फेज और 04 थ्री फेज अवैध ट्रांसफार्मर बरामद हुए, जिनकी कुल कीमत ₹18.65 लाख से अधिक है।
-
संसाधन जब्त: करीब 950 मीटर अवैध केबल, 8 पानी की मोटरें और तस्करी में शामिल 4 वाहनों को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।
10 तस्कर गिरफ्तार, तगड़ा झटका
पुलिस ने केवल संसाधनों पर ही नहीं, बल्कि अपराधियों पर भी प्रहार किया। मौके से 10 संदिग्ध व्यक्तियों को बीएनएसएस (BNSS) की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है। एडिशनल एसपी बलवीर सिंह और डीएसपी चंद्रशेखर पालीवाल के अनुसार, इस कार्रवाई से तस्करों के सूचना तंत्र और रसद आपूर्ति की कमर टूट गई है।
एसपी बी. आदित्य का बयान: > "ऑपरेशन अंधकार का उद्देश्य उन संसाधनों को नष्ट करना है जो अपराध को खाद-पानी देते हैं। बिजली चोरी और अवैध संसाधनों के दम पर तस्करी का साम्राज्य अब प्रतापगढ़ में नहीं चलेगा। यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।"
ऑपरेशन की मुख्य बातें एक नज़र में:
-
क्षेत्र: देवल्दी गांव, प्रतापगढ़
-
संयुक्त टीम: पुलिस (8 थाने) + विद्युत विभाग
-
जब्ती: 31 अवैध ट्रांसफार्मर, 950 मीटर केबल, 4 वाहन
-
कुल जुर्माना: ₹23.80 लाख
-
गिरफ्तारी: 10 संदिग्ध
-
अपराध की कमर तोड़ना: इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि तस्करों के विरुद्ध केवल गिरफ्तारी ही काफी नहीं है; उनके आर्थिक स्रोतों और अवैध संसाधनों को नष्ट करना भी उतना ही अनिवार्य है।
-
विभागों का अभूतपूर्व समन्वय: पुलिस और विद्युत विभाग के बीच ऐसा तालमेल भविष्य के ऑपरेशनों के लिए एक रोल मॉडल पेश करता है।
जनता में विश्वास: देवल्दी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में इस बड़े स्तर की कार्रवाई से आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना बढ़ेगी और असामाजिक तत्वों का मनोबल गिरेगा।
'ऑपरेशन अंधकार' ने तस्करों के सुरक्षित ठिकानों को उजाड़कर यह संदेश दिया है कि विकास के संसाधनों (जैसे बिजली) का उपयोग अपराध के लिए करने वालों को भारी कीमत चुकानी होगी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में नशे के कारोबार पर कितनी लगाम लगती है। -