50 दिन की छुट्टी लेकर घर आने की बात… 44 दिन बाद कैंट एरिया में मिला CRPF जवान का कंकाल


राजसमंद के CRPF जवान का नीमच कैंट में मिला कंकाल, 44 दिनों से थे लापता; परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

राजसमंद।
राजस्थान के राजसमंद जिले के भीम निवासी सीआरपीएफ जवान नंदकिशोर प्रजापति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। जवान का कंकाल मध्यप्रदेश के नीमच छावनी (कैंट एरिया) परिसर में झाड़ियों के बीच मिला है। नंदकिशोर बीते 44 दिनों से लापता थे। घटना के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

प्रमुख घटनाक्रम: एक नजर में

विवरण जानकारी
जवान का नाम नंदकिशोर प्रजापति (40)
निवासी भीम, जिला राजसमंद (राजस्थान)
लापता होने की तिथि 27 दिसंबर 2025
कंकाल मिलने की तिथि 8 फरवरी 2026
कार्यरत इकाई सीआरपीएफ, नीमच (मध्यप्रदेश)

छुट्टी लेकर घर आने वाले थे, पर लौटकर आया कंकाल

परिजनों के अनुसार, 26 दिसंबर 2025 की रात नंदकिशोर ने अपनी पत्नी गंगादेवी से फोन पर बात की थी। उन्होंने बताया था कि 50 दिन की छुट्टी स्वीकृत हो चुकी है और वे 27 दिसंबर को घर के लिए रवाना होंगे।

जब वे तय समय पर घर नहीं पहुंचे और फोन संपर्क भी टूट गया, तो परिजन चिंतित हो गए। इसके बाद 1 जनवरी 2026 को नीमच थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

संदिग्ध परिस्थितियां, कई सवाल खड़े

परिजनों ने इस मामले को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है। इसके पीछे उन्होंने कई कारण बताए—

  • सामान कमरे में मिला: जवान घर जाने के लिए निकले थे, लेकिन उनका अधिकांश सामान कमरे में ही पाया गया।

  • एक मोबाइल फोन गायब: उनके दो मोबाइल फोन में से एक कमरे में मिला, जबकि दूसरा अब तक लापता है।

  • कैंट एरिया में कंकाल: कंकाल एक सुरक्षित और प्रतिबंधित कैंट क्षेत्र में झाड़ियों के बीच मिला, जहां नियमित निगरानी और आवाजाही रहती है।

परिजनों का कहना है कि,

“जवान ने खुद कहा था कि वह घर आ रहा है। ऐसे में सामान कमरे में मिलना और इतने दिनों बाद कैंट एरिया में कंकाल मिलना किसी गहरी साजिश की ओर इशारा करता है।”

सफाई के दौरान मिला कंकाल

8 फरवरी को नीमच छावनी परिसर में सफाई कार्य के दौरान झाड़ियों में एक कंकाल मिला। सूचना मिलने पर सीआरपीएफ और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। जांच के बाद कंकाल की पहचान नंदकिशोर प्रजापति के रूप में की गई।

इसके बाद शव को नीमच जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

आज राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

सोमवार देर रात जवान के पार्थिव अवशेष उनके पैतृक गांव भीम लाए गए। मंगलवार को जवान के सम्मान में तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी, जिसके बाद पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।

जांच जारी

फिलहाल कैंट थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम मामले की गहन जांच कर रही है। जवान की मौत के कारण और समय का खुलासा पोस्टमॉर्टम व फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।