जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में पड्डर सब-डिवीजन के चशोटी गांव में गुरुवार दोपहर 12:30 बजे बादल फटा। कई लोग पहाड़ से आए पानी और मलबे की चपेट में आ गए। न्यूज एजेंसी PTI ने जानकारी दी है कि हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई है। इनके शव मिल गए हैं। 25 से ज्यादा लोग घायल हैं। मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है। यह हादसा उस समय हुआ जब हजारों श्रद्धालु मचैल माता यात्रा के लिए चशोटी गांव पहुंचे थे। यह यात्रा का पहला पड़ाव है। बादल वहीं फटा है, जहां से यात्रा शुरू होने वाली थी। यहां श्रद्धालुओं की बसें, टेंट, लंगर और कई दुकानें थीं। सभी बाढ़ के पानी में बह गए। मचैल माता तीर्थयात्रा हर साल अगस्त में होती है। इसमें हजारों श्रद्धालु आते हैं। यह 25 जुलाई से 5 सितंबर तक चलेगी। यह रूट जम्मू से किश्तवाड़ तक 210 किमी लंबा है और इसमें पद्दर से चशोटी तक 19.5 किमी की सहिमाचल प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बुधवार रात भारी बारिश हुई। कोटखाई के खलटूनाला की पहाड़ियों में सुबह 3 बजे बादल फटने से नाले में मलबा आ गया। इससे तराई में बना पेट्रोल पंप और 6 से ज्यादा गाड़ियां दब गईं। पंप पर काम करने वाले कर्मचारियों ने भागकर जान बचाई।ड़क पर गाड़ियां जा सकती हैं। उसके बाद मचैल तक 8.5 किमी की पैदल यात्रा होती है।
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