झालावाड़ पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन’: एमपी में चल रही ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़, 320 किलो केमिकल के साथ 5 तस्कर गिरफ्तार
झालावाड़। मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ राजस्थान की झालावाड़ पुलिस ने एक बड़ी 'सर्जिकल स्ट्राइक' को अंजाम दिया है। DRI (राजस्व खुफिया निदेशालय) जयपुर के इनपुट पर की गई इस संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने न केवल भारी मात्रा में संदिग्ध केमिकल बरामद किया, बल्कि पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश में चल रही एक सिंथेटिक ड्रग्स फैक्ट्री का भी पर्दाफाश किया है।
आधी रात को ग्रोथ सेंटर पर एक्शन
झालावाड़ एसपी अमित कुमार ने बताया कि मंगलवार (3 फरवरी) की रात को पुलिस को विशेष सूचना मिली थी। इसके बाद झालरापाटन थानाधिकारी अल्का और DST प्रभारी मोहन लाल के नेतृत्व में ग्रोथ सेंटर चौराहे की घेराबंदी की गई। तलाशी के दौरान एक पिकअप में घरेलू सामान के नीचे छिपाए गए 6 ड्रम बरामद हुए।
इन ड्रमों में 320.72 किलोग्राम '2-bromo 4-methyl propiophenone' नामक केमिकल भरा था। जानकारों के अनुसार, इस केमिकल का इस्तेमाल एमडी (MD) जैसी खतरनाक सिंथेटिक ड्रग्स बनाने में किया जाता है।
महाराष्ट्र-कोटा-एमपी: तस्करी का बड़ा नेटवर्क
पुलिस पूछताछ में पकड़े गए तस्करों—दीपक (30), जितेंद्र सिंह (41) और शैलेंद्र विलाला (26)—ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं:
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यह केमिकल ट्रांसपोर्ट के जरिए महाराष्ट्र से कोटा मंगवाया गया था।
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कोटा से इसे किराए की पिकअप में भरकर मध्य प्रदेश के आगर मालवा ले जाया जा रहा था।
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वहां इसकी डिलीवरी जयनारायण उर्फ मामू को दी जानी थी।
इस सूचना पर पुलिस ने तत्काल मध्य प्रदेश के सुसनेर में दबिश दी और मुख्य रिसीवर जयनारायण मामू व उसके साथी रामलाल को भी गिरफ्तार कर लिया।
राजगढ़ में मिली ड्रग्स की 'लैब'
आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस राजगढ़ जिले के माचलपुर पहुंची। वहां मुख्य सरगना रघुनंदन पाटीदार के घर पर जब छापा मारा गया, तो पुलिस दंग रह गई। घर के भीतर पूरी ड्रग्स फैक्ट्री संचालित हो रही थी। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में ड्रग्स बनाने के उपकरण और अन्य रसायनों को जब्त किया है। हालांकि, मुख्य सरगना रघुनंदन पाटीदार अपनी कार लेकर फरार होने में कामयाब रहा।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने इस मामले में पिकअप और एक महिंद्रा टीयूवी (TUV) को जब्त कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 30 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस पूरे ऑपरेशन में मध्य प्रदेश की आगर और राजगढ़ पुलिस का भी विशेष सहयोग रहा।
एसपी अमित कुमार ने बताया कि पुलिस अब इस नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस सिंथेटिक ड्रग्स की सप्लाई राजस्थान और एमपी के किन-किन शहरों में की जा रही थी।