राजस्थान के इस गांव में कमाल! बिना वोटिंग चुने गए सरपंच और सभी 11 वार्ड पंच

अजमेर जिले की सरवाड़ पंचायत समिति की सांपला ग्राम पंचायत में ग्रामीणों की सहमति से हुआ निर्वाचन; सरपंच पद के 6 दावेदारों में से 5 ने नाम वापस लिया, सभी 11 वार्डों में भी निर्विरोध चुने गए पंच।

राजस्थान में पंचायत चुनाव के बीच एक गांव ने ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है! यहां न वोटिंग की जरूरत पड़ी और न ही सरपंच पद के लिए चुनावी मुकाबला हुआ। ग्रामीणों ने आपसी सहमति से पूरी ग्राम पंचायत को निर्विरोध चुन लिया। यह मामला अजमेर जिले की सरवाड़ पंचायत समिति की सांपला ग्राम पंचायत का है, जहां अर्जुन सिंह राठौड़ निर्विरोध सरपंच निर्वाचित हुए हैं। सरपंच पद के लिए कुल 6 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था, लेकिन आपसी सहमति के बाद 5 उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए और अर्जुन सिंह राठौड़ के निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया। लेकिन इस गांव की खास बात सिर्फ सरपंच का निर्विरोध चुना जाना नहीं है। यहां ग्राम पंचायत के सभी 11 वार्डों में भी पंच निर्विरोध चुने गए हैं। जानकारी के मुताबिक, वार्ड पंचों के चयन के लिए ग्रामीणों ने आपसी चर्चा के बाद वार्डवार पर्चियां निकालीं। जिस उम्मीदवार के नाम की पर्ची निकली, उसके चयन पर बाकी उम्मीदवारों ने भी सहमति जताई और अपने नामांकन वापस ले लिए। इस फैसले के बाद गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी। वहीं, नवनिर्वाचित सरपंच और पंच भगवान गोपाल महाराज द्वारिकाधीश के मंदिर पहुंचे और क्षेत्र की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि आपसी सहमति से बनी यह पंचायत गांव के विकास और लोगों की समस्याओं के समाधान पर ध्यान देगी। अब सवाल यह है—अगर हर गांव में इसी तरह आपसी सहमति से फैसले होने लगें, तो क्या पंचायत चुनावों में विवाद और आपसी दुश्मनी कम हो सकती है? आप अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।