IPL अब ‘बिग बिजनेस’ का खेल, गेंदबाजों को पिटाई के लिए तैयार रहना होगा: मुरलीधरन

SRH कोच बोले—मनोरंजन और स्पॉन्सरशिप के चलते बल्लेबाजों का पलड़ा भारी, पुराने दौर से तुलना बेकार

सनराइजर्स हैदराबाद के चीफ कोच Muttiah Muralitharan ने IPL के बदलते स्वरूप पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि अब यह टूर्नामेंट पूरी तरह “बिग बिजनेस” बन चुका है, जहां फेयर मुकाबले से ज्यादा मनोरंजन को प्राथमिकता दी जाती है। उनका मानना है कि मौजूदा दौर में गेंदबाजों को यह स्वीकार करना होगा कि उन्हें मार पड़ेगी।

मुंबई में Mumbai Indians और Sunrisers Hyderabad के बीच खेले गए मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुरलीधरन ने कहा कि अगर पिचें गेंदबाजों के अनुकूल बनाई जाएंगी तो दर्शकों को मैच उबाऊ लगेगा। “लोग चौके-छक्के देखना चाहते हैं, इसलिए ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ जैसे नियम आए हैं। अगर मनोरंजन कम हुआ तो स्पॉन्सर्स और दर्शकों की रुचि भी घट जाएगी,” उन्होंने कहा।

बल्लेबाजों का दबदबा, गेंदबाजों की मुश्किल बढ़ी

मुरलीधरन के मुताबिक, आधुनिक क्रिकेट पूरी तरह बल्लेबाजों के पक्ष में झुक चुका है। पहले जहां पावरप्ले में 40-50 रन अच्छा स्कोर माना जाता था, वहीं अब यह आंकड़ा 70-80 तक पहुंच गया है।
“अब हर टीम के पास ऐसे ओपनर्स हैं जो सिर्फ अटैक करना जानते हैं। उन्हें स्विंग या लाइन-लेंथ की परवाह नहीं होती,” उन्होंने कहा।

बड़े रन चेज बने आम बात

हालिया मुकाबले में हैदराबाद ने मुंबई के खिलाफ 244 रन का विशाल लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया। इससे पहले भी इस सीजन में 200+ रन के कई सफल चेज देखने को मिले हैं, जो टी-20 क्रिकेट के बदलते ट्रेंड को दिखाते हैं।

युवा खिलाड़ियों का बदला एप्रोच

मुरलीधरन ने युवा बल्लेबाजों के आत्मविश्वास की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि पहले बल्लेबाज Jasprit Bumrah जैसे गेंदबाज के खिलाफ टिकने की सोचते थे, लेकिन अब छक्का मारने की सोचते हैं।
“जब 23 साल का खिलाड़ी ‘नो-लुक सिक्स’ मारता है, तो यह नए दौर का संकेत है,” उन्होंने कहा।

स्पिनर्स के लिए बढ़ी चुनौती

स्पिन गेंदबाजी को लेकर उन्होंने चिंता जताई। उनका कहना है कि आजकल युवा स्पिनर्स गेंद को टर्न कराने के बजाय सिर्फ तेज फेंकने पर ध्यान दे रहे हैं।
“अगर स्पिन नहीं कराएंगे तो बल्लेबाज को चकमा नहीं दे पाएंगे। नेट्स में भी स्पिनर्स थ्रोडाउन बॉलर जैसे लगते हैं,” उन्होंने कहा।

‘आज हम भी होते तो पिटते’

जब उनसे पूछा गया कि क्या वे और Shane Warne आज के दौर में सफल होते, तो मुरलीधरन ने साफ कहा—
“हम टर्न तो कराते, लेकिन शायद बड़ा असर नहीं डाल पाते। आज की पिचों पर बल्लेबाज आसानी से रन बना लेते हैं। अगर कोई स्पिनर 40 रन देता है, तो उसे अच्छी गेंदबाजी माना जाता है।”


निष्कर्ष:
IPL का खेल तेजी से बदल रहा है, जहां मनोरंजन, हाई स्कोरिंग मैच और आक्रामक बल्लेबाजी केंद्र में हैं। ऐसे में गेंदबाजों के लिए चुनौती पहले से कहीं ज्यादा कठिन हो गई है।