“मैंने आत्महत्या नहीं की, मेरी हत्या हुई” — SOG कांस्टेबल के सुसाइड नोट ने पुलिस महकमे को झकझोरा


जयपुर: निलंबित SOG कांस्टेबल की आत्महत्या, सुसाइड नोट में अधिकारियों पर गंभीर आरोप

जयपुर। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) में तैनात एक निलंबित कांस्टेबल ने आत्महत्या कर ली। घटना से पहले मृतक ने अपने दोस्तों और करीबियों को व्हाट्सएप पर एक सुसाइड नोट भेजा, जिसमें उसने मानसिक प्रताड़ना और झूठे मामलों में फंसाए जाने का आरोप लगाते हुए विभाग के ही दो वरिष्ठ अधिकारियों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है।

सुसाइड नोट में लगाए गए गंभीर आरोप

मृतक द्वारा भेजे गए सुसाइड नोट में कई चौंकाने वाले और गंभीर आरोप सामने आए हैं। कांस्टेबल ने लिखा—
“मैं मरा नहीं हूं, मेरी इरादतन हत्या की गई है।”
उसका आरोप है कि उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था और बेबुनियाद आरोपों के जरिए दबाव में रखा गया, जिसे वह लंबे समय तक सहन नहीं कर पाया।

सुसाइड नोट में SOG के दो अधिकारियों के नामों का उल्लेख करते हुए उन पर मानसिक उत्पीड़न, धमकी और झूठे मामलों में फंसाने का आरोप लगाया गया है। मृतक ने लिखा कि इन परिस्थितियों के कारण वह गहरे मानसिक तनाव में चला गया था।

परिवार के लिए न्याय की अपील

अपने अंतिम संदेश में कांस्टेबल ने अपने परिवार के लिए न्याय की मांग करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने की अपील की है। उसने लिखा कि गलत आरोप और लगातार अपमान उसकी सहनशक्ति से बाहर हो गए थे।

पुलिस महकमे में हड़कंप

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है।

फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है। सुसाइड नोट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच भी की जा सकती है। इस घटना ने एक बार फिर पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य और कार्यस्थल पर बढ़ते दबाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।