मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने उच्च शिक्षा विभाग को दिए निर्देश। कॉलेजों की मासिक ग्रेडिंग, रोजगारपरक पाठ्यक्रम, डिजिटल लाइब्रेरी और नैक रेटिंग सुधारने पर रहेगा जोर।
राजस्थान के सरकारी कॉलेजों में अब हर महीने होगी प्रदर्शन की परीक्षा! राज्य के सभी 669 सरकारी कॉलेजों की मासिक ग्रेडिंग और रैंकिंग की जाएगी। बेहतर प्रदर्शन करने वाले कॉलेजों को प्रोत्साहित किया जाएगा, वहीं शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी सरकार का फोकस रहेगा।दरअसल, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने गुरुवार को उच्च शिक्षा विभाग को कॉलेजों के लिए ग्रेडिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत कॉलेजों को अलग-अलग मानकों पर अंक दिए जाएंगे और उनके प्रदर्शन के आधार पर रैंकिंग तय होगी। सरकार चाहती है कि कॉलेजों में सिर्फ डिग्री तक सीमित पढ़ाई न हो, बल्कि विद्यार्थियों को रोजगार के लिए भी तैयार किया जाए। इसके लिए कौशल विकास से जुड़े रोजगारपरक पाठ्यक्रम बढ़ाने और कॉलेज स्तर पर रोजगार मेले आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा हर महीने कम से कम पांच सरकारी कॉलेजों के प्राचार्यों से संवाद किया जाएगा, ताकि अच्छे काम और नए प्रयोगों को दूसरे कॉलेजों तक भी पहुंचाया जा सके। कॉलेजों की नैक यानी NAAC रेटिंग सुधारने पर भी जोर रहेगा। खासतौर पर बी ग्रेड वाले कॉलेजों को ए श्रेणी में लाने का लक्ष्य रखा गया है।वहीं, इस पहल में एक खास बात यह भी है कि राजस्थान के सौ साल से ज्यादा पुराने सरकारी कॉलेजों का इतिहास दस्तावेजों में सहेजा जाएगा। इन संस्थानों के स्थापना दिवस भी मनाए जाएंगे, ताकि उनकी उपलब्धियों और विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाया जा सके। इसके साथ ही कॉलेजों की वेबसाइट अपडेट रखने, लाइब्रेरी को डिजिटल बनाने और छात्रावासों की सुविधाओं की नियमित जांच करने के निर्देश भी दिए गए हैं।