नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी की कार्रवाई का विरोध बचकाना: डॉ. कैलाश वर्मा

बगरू विधायक ने कांग्रेस पर साधा निशाना, कहा- प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई एक कानूनी प्रक्रिया; कांग्रेस देश को अपनी निजी संपत्ति समझना बंद करें

जयपुर। हाल ही में जयपुर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह खाचरियावास के आवास पर तथा नेशनल हेराल्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस के प्रदर्शन पर बगरू विधायक डॉ. कैलाश वर्मा ने इसे बचकाना हरकत बताया है। उन्होंने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई एक कानूनी प्रक्रिया है। जिसमें कांग्रेस विरोध प्रदर्शन के बहाने बाधा उत्पन्न करने का प्रयास कर रही है। यह वाकई कांग्रेस की बचकाना हरकत है। कांग्रेस इस देश को अपनी निजी संपत्ति समझना बंद कर दें। कांग्रेस भले भले ही पांच दशक से ज्यादा सत्ता में रही हो, लेकिन उन्हें समझना होगा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।
बगरू विधायक डॉ. वर्मा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी नेशनल हेराल्ड मामले में भाजपा को क्यों कोस रही है, यह समझ से परे हैं। क्योंकि जब इस मामले की शुरुआत हुई, तब तो केंद्र में सरकार यूपीए के नेतृत्व वाली कांग्रेस की थी। विधायक डॉ. वर्मा ने कहा कि यह सर्वविदित है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने एजेएल को 90.25 रुपए करोड़ का ब्याज-मुक्त ऋण दिया। बाद में यह कर्ज केवल 50 लाख रुपए में यंग इंडियन को ट्रांसफर कर दिया गया था। इस लेन-देन के जरिए एजेएल की लगभग 2,000 करोड़ की अचल संपत्ति पर यंग इंडियन का नियंत्रण हो गया, जो मुख्यत: सोनिया गांधी और राहुल गांधी के स्वामित्व में थी। जबकि राजनीतिक पार्टियां तो कोई व्यावसायिक लेन-देन नहीं कर सकतीं थी। लेकिन जैसे ही यह मामला राष्ट्रीय मुद्दा बना, कांग्रेस अपने वकीलों की पूरी फौज के साथ देश को और अदालतों को गुमराह करने में लग गई। उन्होंने कहा कि यह मामला अब भी अदालतों और जांच एजेंसियों की निगरानी में है। कांग्रेस के नेता यदि दोषी नहीं है तो उन्हें डर कैसा ? सोनिया गांधी और राहुल गांधी  को अदालत एवं जांच एंजेसियों का सहयोग करना चाहिए। इसके उलट वे विरोध प्रदर्शन के बहाने अदालती कार्रवाई में जानबूझकर बाधा डालने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन जनता सच जानती है। 

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