अब वक्फ बोर्ड की ‘ठेकेदारी’ खत्म..वक्फ संशोधन बिल लोकसभा में पास

लोकसभा में 11 घंटे की मैराथन ‘नोंक-झोंक’...

नए विधेयक पर पक्ष-विपक्ष में तीखी तकरार, गृहमंत्री का खरी-खरी; कहा-सभी को बिल मानना ही होगा

हालांकि इस बिल को मुस्लिम विरोधी बताने पर तुला विपक्ष, बिल पर सरकार को मिला टीडीपी और जेडीयू का साथ 


नए वक्फ बिल का नाम ‘उम्मीद’, सरकार ने किया साफ, कहा-वक्फ में कोई गैर मुस्लिम नहीं होगा, 2013 के संशोधन के चलते लाना पड़ा बिल; पक्ष में दी जोरदार दलीलें

नई दिल्ल्ली। वक्फ संशोधन बिल लोकसभा में पेश किया गया। सदन में पक्ष और विपक्ष ने लगातार 11 घंटों तक अपनी राय रखी जिसके बाद देर रात बिल पारित कर दिया गया। सरकार की ओर पक्ष रखते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मुझे लगता है कि या तो निर्दोष भाव से या राजनीतिक कारणों से ढेर सारी भ्रांतियां सदस्यों के मन में भी हैं और इन्हें फैलाने का प्रयास भी हो रहा है। अमित शाह ने कहा, वक्फ एक अरबी शब्द है जिसका इतिहास कुछ हदीसों से जुड़ा मिलता है। आज जिस अर्थ में इसका उपयोग किया जाता है, अल्लाह के नाम पर संपत्ति का दान। अभी जो हम समझ रहे हैं, इस्लाम के दूसरे खलीफा उमर के समय अस्तित्व में आया। वक्फ एक प्रकार का चैरिटेबल एंडोरमेंट है। इसमें व्यक्ति पवित्र दान करता है।  दान उस चीज का किया जा सकता है जो अपनी हो,  मैं सरकारी संपत्ति या किसी दूसरे की संपत्ति का दान नहीं कर सकता। ये सारी बहस इसी बात पर है। गृह मंत्री ने कहा, वक्फ में धार्मिक क्रियाकलाप चलाने के लिए गैर मुस्लिम को नहीं रखा जा रहा है। लेकिन विपक्ष इसके जरिये डराकर अपना वोट बैंक सुरक्षित करने का काम कर रहा है। वक्फ बोर्ड और वक्फ परिषद में गैर मुस्लिम रखने की बात है जिसका काम ये देखना है कि काम ठीक से हो रहा है या नहीं। इस सदन के माध्यम से पूरे देश के मुस्लिम भाइयों को कहना चाहता हूं कि आपके वक्फ में एक भी गैर मुस्लिम नहीं शामिल होगा। अमित शाह ने कहा कि वक्फ बोर्ड में जो संपत्तियां बेच खाने वाले, सौ-सौ साल के लिए औने-पौने दाम पर किराए पर देने वाले लोग है, वक्फ बोर्ड और वक्फ परिषद उन्हें पकडऩे का काम करेगा। ये चाहते हैं कि इनके राज में जो मिलीभगत  चलती रहे। अब ये नहीं चलेगा। अमित शाह ने कहा कि 2013 का जो संशोधन आया, वो नहीं आया होता तो आज ये संशोधन लाने की नौबत नहीं आती। कांग्रेस सरकार ने दिल्ली लूटियंस की 125 संपत्तियां वक्फ को दे दीं। उत्तर रेलवे की जमीन वक्फ को दे दी। उन्होंने कहा कि हिमाचल में वक्फ की जमीन बताकर मस्जिद बनाने का काम हुआ। 


जमीनें कब्जाने के शाह ने दिए उदाहारण, विपक्ष ने किया पलटवार
जमीन हड़पने के उदाहारण देते हुए अमित शाह ने कहा कि कर्नाटक में एक मंदिर पर क्लेम किया, 600 एकड़ जमीन पर दावा किया। ईसाई समुदाय की ढेर सारी जमीनों पर भी दावा कर दिया। कई समूह वक्फ बिल का विरोध कर रहे हैं। अखिलेश जी, मुस्लिम भाइयों की सहनभूति लेने का कोई फायदा नहीं होगा। ये दक्षिण के जो सांसद बोल रहे हैं, वो अपने क्षेत्र के सारे चर्च को नाराज कर रहे हैं।  कांग्रेस ने हरियाणा की गुरुद्वारे से संबंधित भूमि वक्फ को सौंप दिया। प्रयागराज में चंद्रशेखर आजाद पार्क को भी वक्फ घोषित कर दिया। ये सब जब जो चल रहा है, वक्फ मुस्लिम भाइयों के दान से बनाया ट्रस्ट है, उसमें सरकार कोई दखल नहीं करना चाहती है।  


2013 तक वक्फ बोर्ड की कुल भूमि 18 लाख एकड़ थी और 2013 से 2025 तक 21 लाख भूमि बढ़ गई
इस दौरान सदन में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- 2013 में किया संशोधन सिर्फ पांच घंटे के बाद हुआ था, इस बार दोनों सदनों में 16 घंटे चर्चा हो रही है। गृह मंत्री ने कहा कि- विपक्ष अल्पसंख्यकों को भडक़ा रहा है। वक्फ मुस्लिम समुदाय का प्रतिनिधि निकाय नहीं है और ये बिल जन कल्याण के लिए है, वोटबैंक के लिए हैं। 1913 से लेकर 2013 तक वक्फ बोर्ड की कुल भूमि 18 लाख एकड़ थी और 2013 से 2025 तक 21 लाख भूमि बढ़ गई है। इसमें 2013 के बाद खासी बढ़ोत्तरी हुई है। अमित शाह ने कहा कि लोगों को डराया जा रहा है कि पूर्वव्यापी प्रभाव से आएगा। इस विधेयक के पहले तीन पेज और धाराएं पढ़ ली होतीं तो पता चल जाता।

 
विपक्ष पर जमकर बरसे अमित शाह, दिया मणिपट्टी समिति रिपोर्र्ट का हवाला
अमित शाह ने मणिपट्टी समिति की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि, एक लाख 38 हजार एकड़ जमीन किराये पर दिए जाने, सौ साल की लीज पर निजी संस्थानों की जमीन हस्तांतरित किए जाने, विजयपुर गांव की 1500 एकड़ भूमि पर दावा करके विवाद में डाले जाने, फाइव स्टार होटल को 12000 महीने के किराए पर देने का जिक्र किया और कहा कि ये पैसा गरीब मुसलमान का है। शाह ने कहा कि लाखों करोड़ों की भूमि और इनकम 126 करोड़ रुपया। ये कहते हैं कि आय का क्या उद्देश्य है? आज राजद के सारे सदस्य बोले, 2013 का जब संशोधन आया, तब लालू जी ने क्या कहा, ये कहा कि सारी जमीनें हड़प ली गई हैं। पटना में ही डाकबंगले की जितनी प्रॉपर्टी थी, सब पर बड़ी इमारतें बन गई है। हम समर्थन करते हैं लेकिन चाहते हैं कि एक कड़ा कानून लाइए। अमित शाह ने तब कई सदस्यों की ओर से सदन में कही गई बातों पर जवाब देते हुए कहा कि पारदर्शिता से क्यों डरना है। 

इनको न पिछड़ों की चिंता है, न मुसलमानों की: अमित शाह
अपने संबोधन के दौरान गृह मंत्री ने कहा- इनको न पिछड़ों की चिंता है, न मुसलमानों की, ये सालों से जातिवादी औऱ तुष्टिकरण के आधार पर काम करते हैं। इसी आधार पर काम करके अपने परिवार की राजनीति बढ़ाई है। और मोदी जी की सरकार ने इसे खत्म करने का काम किया है। जनता ने तीन टर्म मोदी जी को चुना और तीन टर्म भारतीय जनता पार्टी की रहने वाली है। मैं इस बिल को लेकर किरेन रिजिजू को बधाई देना चाहता हूं। गृह मंत्री अमित शाह ने इस दौरान कहा- वक्फ शब्द का अर्थ अल्लाह के नाम पर संपत्ति का दान है, वक्फ परिषद और वक्फ बोर्ड 1995 से है, लेकिन वोट बैंक के लिए विपक्ष वक्फ बिल का विरोध कर रहा है। गृह मंत्री ने साफ-साफ कहा कि, वक्फ बोर्ड में एक भी गैर मुस्लिम नहीं आएगा। गृह मंत्री ने आगे कहा कि- अगर 2013 में संशोधन नहीं होता तो ये बिल नहीं आता। उस दौरान संशोधन करके दिल्ली के लुटियंस की 125 संपत्तियां वक्फ को दे दीं गई। 

वक्फ बोर्ड और वक्फ परिषद करेंगे ये काम, दान की गई संपत्तियों पर होगी नजर
अमित शाह ने कहा कि, वक्फ बोर्ड में जो संपत्तियां बेच खाने वाले, सौ-सौ साल के लिए औने-पौने दाम पर किराए पर देने वाले लोग है, वक्फ बोर्ड और वक्फ परिषद उन्हें पकडऩे का काम करेगा। उन्होंने आगे बताया कि 1913 से 2013 तक वक्फ के पास 18 लाख एकड़ जमीन थी। 2013 से 2025 के बीच 21 लाख एकड़ भूमि बढ़ गई। अब 39 लाख एकड़ भूमि है। कई संपत्तियां बेच दी गईं, लेकिन किसकी इजाजत से? गृह मंत्री ने कहा- वक्फ बिल वक्फ की जमीन के रख-रखाव के लिए है। अगले चार साल सभी मुस्लिम समझ जाएंगे इस बिल का क्या फायदा होगा। लेकिन विपक्ष इस बिल को लेकर अफवाह फैला रहा है। इस बिल को लेकर मुस्लिम भाइयों डराया जा रहा है। इस दौरान फिर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- अपनी संपत्ति का दान किया जाता है, सरकारी जमीन का नहीं, मंदिर या मस्जिद और चर्च सरकारी जमीन पर नहीं बन सकते हैं।


वक्फ संशोधन बिल के विरोध में जयपुर में मुखर हुए मुस्लिम संगठन, कहा- आर पार की लड़ाई लड़ेंगे 
लोकसभा में पेश किए गए वक्फ संशोधन बिल पर जयपुर में मुस्लिम संगठन इस बिल के विरोध में खुलकर सामने आ गए हैं। जयपुर में मुस्लिम संगठनों ने इस बिल को लेकर आपत्ति जताई है और सरकार को भी चेताया है कि यदि बिल लागू किया तो आर पार की लड़ाई लड़ेंगे। मुस्लिम संगठनों का कहना है कि वक्फ में संशोधन करना है तो देवस्थान विभाग सहित कई अन्य धर्मों के बोर्डों में भी संशोधन करो। वक्फ संशोधन बिल के विरोध में राजधानी जयपुर के एमडी रोड पर सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) ने प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एसडीपीआई का कहना था कि यह संशोधन लोकतंत्र के खिलाफ है। इस तरह के संशोधन की वर्तमान में जरूरत नहीं है, इसलिए हम सरकार से मांग कर रहे हैं कि लोकसभा और राज्यसभा में इस तरह से इस बिल को पेश नहीं किया जाए. प्रदर्शन के मद्देनजर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।