जयपुर ग्रामीण में चल पड़ी है बदलाव की बयार..जनता ने ठान लिया सिर्फ अनिल चौपड़ा इस बार!

कांग्रेस के युवा और सक्रिय प्रत्याशी के सामने फीके साबित हो रहे विरोधी, विभिन्न सर्वे में भी काफी आगे निकलते आ रहे नजर, चौपड़ा बन गए है हर वर्ग की पहली 

जयपुर। लोकसभा चुनाव के लिए मतदान को सिर्फ चार दिन शेष रह गए है और अब जनता के बीच माहौल भी स्पष्ट होता जा रहा है। अगर बात करें जयपुर ग्रामीण लोकसभा सीट की तो यहां से अब स्पष्ट हो गया है कि सभी समीकरण और जनता का आर्शीवाद कांग्रेस के प्रत्याशी अनिल चौपड़ा में पक्ष में जा रहे है। मतदाताओं में भी काफी उत्साह है और कई मतदाता खुलकर बदलाव की बात कह रहे हैं। दरअसल, जयपुर ग्रामीण क्षेत्र में पिछले दस सालों से ठप पड़े विकास को लेकर खासा आक्रोश है और अब वे पुरानी गलतियां नहीं दोहराना चाहते है। ऐसे में अब युवा चेहरे अनिल चौपड़ा को चुनने का मन जयपुर ग्रामीण की जनता ने बना लिया है। चोपड़ा भी जनता के इस भरोसे पर खरा उतरने के लिए पूरी तरह दिन-रात एक किए हुए है और ना सिर्फ जमकर जनसंपर्क और प्रचार में जुटे है बल्कि जातीय समीकरणों को अपने पक्ष में करने में कामयाब होते नजर आ रहे है। चोपड़ा का मुकाबला भाजपा के राव राजेंद्र सिंह से हो रहा है लेकिन राव राजेंद्र सिंह की स्थिति यह है कि यहां कि जनता ही कह रही है कि उन्होंने राव राजेंद्र सिंह को अब तक देखा तक नहीं है तो उन्हें वोट कैसे दे दें। जबकि अनिल चौपड़ा की बात करें तो वे अब तक जयपुर ग्रामीण का अधिकांश क्षेत्र कवर कर चुके है और लगातार जनसभाएं भी कर रहे हैं। खुद सचिन पायलट चौपड़ा के पक्ष में पहले जालसू में सभा कर चुके है और अब आज कोटपुतली में सभा करने जा रहे है। ऐसे में 4 जून को आने वाले नतीजों का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। अपनी सक्रियता, युवा जोश और लोकप्रिय छवि के चलते वे जयपुर ग्रामीण के मतदाताओं में पैठ बना चुके है और यहां से उनकी जीत लगभग तय नजर आ रही है।


सर्वे में बोले जयपुर ग्रामीण के आम मतदाता-गरीबों के साथ सिर्फ कांग्रेस पार्टी 
जयपुर ग्रामीण की ग्राउंड रिपोर्ट में भी चौपड़ा बाजी मारते नजर आ रहे है। आम मतदाता का कहना है कि गरीबों और पिछड़ों का भला सिर्फ कांग्रेस पार्टी ही कर सकती है और अब वे जुमलेबाजी में फंसने वाले नहीं है। कई मतदाताओं ने तो यहां तक कह दिया कि जिस तरह वे इस चुनाव के जरिए बीते दस सालों का पूरा हिसाब लेने की तैयारी कर चुके है। कई मतदाता तो ऐसे है जिन्होंने कहा कि उन्होंने कभी भाजपा प्रत्याशी को देखा तक नहीं है तो उन्हें वोट किस आधार पर दें। जबकि कांग्रेस के प्रत्याशी अनिल चौपड़ा लगातार जनता के बीच सक्रिय है और अपनी पैठ उनके दिलों तक बना चुके है। अनिल चौपड़ा का भी कहना है कि पिछले 10 साल से जयपुर ग्रामीण में कोई काम नहीं हुआ है। मैं किसानों और जनता के लिए काम करूंगा। अनिल चौपड़ा ने कहा कि यहां स्थानीय मुद्दों पर भाजपा का कोई नेता बात नहीं करता है। पिछले 10 सालों में भाजपा के सांसद ने क्या काम किया कोई बता नहीं सकता है। अनिल चौपड़ा ने दावा करते हुए कहा कि इस बार जयपुर ग्रामीण में इतिहास बनेगा और बदलेगा। 10 साल बाद कांग्रेस प्रचंड बहुमत से जितेगी।


जातीय समीकरणों के साथ ही दिलों को जीतने में भी कामयाब हुए चौपड़ा
जयपुर ग्रामीण के जातीय समीकरणों पर नजर डाले तो इस सीट पर यादव, गुर्जर, जाट और एससी-एसटी का बड़ा वोट बैंक है। जातिगत समीकरणों को ध्यान में रखते हुए ही कांग्रेस ने यहां से जाट को प्रत्याशी बनाया है। इस सीट पर बन रहे जातीय समीकरणों में भाजपा फिलहाल कमजोर नजर आ रही है। यादव या अहीर समुदाय की कोटपूतली, शाहपुरा, बानसूर, झोटवाड़ा, विराटनगर, आमेर में सबसे अधिक आबादी है और 3 लाख से अधिक आबादी के साथ फुलेरा और जमवा रामगढ़ में महत्वपूर्ण है। लोकसभा चुनाव के तहत जयपुर ग्रामीण लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में 19 अप्रैल को 21 लाख 84 हजार 978 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। जिनमें 11 लाख 45 हजार 437 पुरुष एवं 10 लाख 39 हजार 533 महिला मतदाताओं के साथ-साथ 8 थर्ड जेंडर मतदाता भी शामिल हैं।


पहले जालसू और अब आज कोटपूतली में सचिन पायलट, अब नहीं जीत में संदेह

जयपुर ग्रामीण लोकसभा सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी अनिल चोपड़ा के पक्ष में आज पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट आज कोटपूतली में विशाल जनसभा को संबोधित करने जा रहे है। इस जनसभा में कांग्रेस के युवा सांसद दीपेंद्र हुड्डा भी शिरकत करेंगे। पायलट की इस सभा के बाद अनिल चोपड़ा की जीत लगभग तय हो जाएगी। अपनी पहली सभा में भी पायलट कह चुके है कि यह बहुत महत्वपूर्ण क्षेत्र है क्योंकि यह किसान बाहुल्य है। उन्होंने कहा कि इस चुनाव को गंभीरता से लें और 36 बिरादरी मिलकर एकजुटता का प्रदर्शन करें। उन्होंने कहा कि देश में जो हालात बने हुए हैं उसे पर रोक लगाना जरूरी है। दरअसल, सचिन पायलट और अनिल चोपड़ा दोनों का ही युवाओं में विशेष के्रज नजर आ रहा है। इसके साथ ही चोपड़ा को अपने जनसंपर्क और प्रचार के दौरान मातृशक्ति, बुजुर्ग और हर वर्ग से भरपूर प्यार और आशीर्वाद भी मिल रहा है। ऐसे में सचिन पायलट की जनसभा काफी अहम मानी जा रही है। 


आने वाला वक्त युवाओं का, हमेशा उठाता रहूंगा अन्याय के खिलाफ आवाज: चौपड़ा
युवाओं के बारे में बोलते हुए अनिल चोपड़ा ने कहा कि यह युवाओं का देश है और युवाओं के लिए ही काम करूंगा। केंद्र की अग्निवीर जैसी योजनाओं का मैं पुरजोर विरोध करूंगा। उन्होंने कहा कि अगर मैं जीत कर संसद भवन में जाता हूं तो। उन्होंने कहा कि लगातार पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट का सानिध्य और आशिर्वाद के साथ मार्गदर्शन मुझे मिला है, जिसका बहुत फायदा मिलेगा। मैं जयपुर ग्रामीण का ही रहने वाला हूं। यहां की पूरी परिस्थितियों को जानता हूं और मुझे पूर्ण विश्वास है कि आगामी 19 तारीख को जयपुर ग्रामीण का युवा, किसान बढ़-चढ़ कर वोट देगा और एक नई सुबह का आगाज होगा

जयपुर ग्रामीण की जनता को बीते दस सालों में विकास के नाम पर मिला सिर्फ धोखा
जयपुर ग्रामीण लोकसभा क्षेत्र के विकास की डोर राजधानी के साथ बंधी है। यहां पर चुनाव में स्थानीय मुद्दे तो मायने रखते ही हैं, राजधानी जयपुर में बने चुनावी माहौल का काफी असर पड़ता है। यदि विकास की दृष्टि से देखा जाए तो इस लोकसभा क्षेत्र के ज्यादातर विधानसभा क्षेत्रों में लोग सडक़, पानी, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए संघर्ष ही करते नजर आते हैं। इन सुविधाओं के लिए यहां के लोगों को जयपुर पर निर्भर रहना पड़ता है। खासतौर पर स्वास्थ्य के मामले में तो यह पूरा लोकसभा क्षेत्र जयपुर के एसएमएस अस्पताल पर आश्रित है। शायद यहीं कारण है कि बीते दस सालों के कार्यकाल से जनता खुश नहीं है और अब बदलाव की ओर देख रही है। हालांकि राजनीति के मामले में यहां की सभी विधानसभा क्षेत्रों में जयपुर की अपेक्षा कुछ ज्यादा ही माहौल बनता है।